करो शिव के दर्शन सवेरे सवेरे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

करो शिव के दर्शन सवेरे सवेरे,

ये मन होगा पावन सवेरे सवेरे,

शिव नाम वाली गंगा में धो लो,

दर्पण हिरदये का सवेरे सवेरे.

करो शिव के दर्शन सवेरे सवेरे,

शिव साधना जो करे जाये शिव के धाम वो,

रखे दूर आत्मा से छ्ल मोह काम हो,

रहे उसके मन में भोले के डेरे,

जो शिव की माला दिन रात फेरे,

शिव नाम वाली गंगा में धो लो,

दर्पण हिरदये का सवेरे सवेरे.

करो शिव के दर्शन सवेरे सवेरे,

जिस से प्र्शन हो भोले भव सिंधु तार दे,

चिंता का भोज उसके सिरसे उतार दे,

फिर न डराये उसे चौरासी के गेरे,

रहे दूर जीवन से दुःख के अँधेरा,

शिव नाम वाली गंगा में धो लो,

दर्पण हिरदये का सवेरे सवेरे.

करो शिव के दर्शन सवेरे सवेरे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।