अपने सपने तोड़ के पापा

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

अपने सपने तोड़ के पापा पुरे मेरे करते है,

इन सपनो की कीमत क्या है ये हम न समझते है,

पापा सब कुछ सहते है ,

हम से कुछ भी न कहते है,

पापा आई लव यू,

दो कपड़े चाहे कम हो तुम्हारे तुम को यह न परवाह है,

बच्चो को कुछ कमी रहे न इसी बात की परवाह है,

कितनी मेहनती करते होंगे मेरी हर खवाइश में ये,

पापा सब कुछ सहते है ,

हम से कुछ भी न कहते है,

पापा आई लव यू,

दुःख हो चाहे सुख हो तुम्हारी,

आंखे नम नहीं होती है,

पलको पर हम बैठे रहते फिर भी ये न समझते है,

अपने आंसू छुपा के पापा हम को खूब हसाते है,

पापा सब कुछ सहते है ,

हम से कुछ भी न कहते है,

पापा आई लव यू,

ईश्वर से कम नहीं है बाबा ये ही मेरी दुनिया है,

जोश है मेरा जान है मेरी नीव ही पापा है,

मैं भी तुम्हे पलको पे बैठाऊ ये ही मेरी तमना है,

पापा सब कुछ सहते है ,

हम से कुछ भी न कहते है,

पापा आई लव यू,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।