श्याम को अलबेलो दरबार

पारंपरिक
हनुमान जी आरती खाटू श्याम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

श्याम को अलबेलो दरबार,

खाटू को अलबेलो दरबार,

यह विराजे शीश को दानी कलयुग को अवतार,

श्याम का अलबेला दरबार

खाटू का मंदिर है निराला,

वहाँ पे रहता डमरू वाला,

दोड्या पे हनुमान खड़े है परमानेंट सरकार,

श्याम का अलबेला दरबार......

सुबह श्याम वहाँ होती आरती भक्तो की वहाँ भीड़ लागती,

मंदिर आगे कीर्तन होता गूंजे जय जय कार,

श्याम का अलबेला दरबार.....

सुनील शर्मा दिंगाड़ियाँ कहता खाली झोली संवारा भरता,

शेखावत दिनेश बोले भर देता ये भण्डार,

श्याम का अलबेला दरबार.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।