भोले नाथ दा डमरू भजदा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले नाथ दा डमरू भजदा मेरे नाथ दा डमरू भजदा,

जीहदे मथे चन है सजदा,

भोले नाथ दा डमरू भजदा

भोले नाथ दा डमरू बज्दा नच्दे भगत प्यारे,

शिव शम्भू दा डमरू वज्दा नच नच लेन नजारे,

मन खुशियां दे विच नचदा,

भोले नाथ दा डमरू भजदा

डम डम डमरू बज्दा रेह्न्दा भगता दे ओ दिल मोह लेंदा,

दिल भोला भोला जपदा,

भोले नाथ दा डमरू भजदा

रवि हरिपुरियाँ भी मेरे भोले दी महिमा लिखी जावे,

प्रीया कटोच भी डमरू दी मस्ती दे विच गावे,

सादे दिल विच शंकर वसदा दिल विच शमभू वसदा

भोले नाथ दा डमरू भजदा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।