रब मेरा सतगुरु बन के आया मैनू वेख लें दे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रब मेरा सतगुरु बन के आया,मैनू वेख लें दे

मैनू वेख लैन दे मथ्था टेक लैन दे,

सतगुरु मेरा सब तो सोहना ओहदे जेहा कोई होर नहीं होना,

सुट्टे भाग जगावण आया मैनु वेख लेंदे,

रब्ब मेरा सतगुरु बन के आया मैनू वेख लें दे

दर्शन करके धन हो जावा,

गुरु चरना विच ध्यान लगावा,

खैर झोली पावन आया मैनु देख लेंदे,

रब्ब मेरा सतगुरु बन के आया मैनू वेख लें दे

भूल आलम पेया सिफ़्ता करदा,

मैं हो जावा उसदे दर दा नाम दे भूटे लावन आया मैनु वेख लेंदे,

रब्ब मेरा सतगुरु बन के आया मैनू वेख लें दे

गुरु मेरा कोई भेद नहीं रखड़ा बेगम पुरे दी गल पेया दसदा,

भरम ज्ञान सिखावन आया मैनु वेख लेंदे,

रब्ब मेरा सतगुरु बन के आया मैनू वेख लें दे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।