मुझे मेरे पिता में नजर आये तू

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दुनिया को बनाने वाले मुझे मेरे पिता में नजर आये तू,

रेहमत बरसाने वाले मुझे मेरे पिता में नजर आये तू ,

गिरता हु जब मैं उठता पिता,

सच्ची है रह दीखता पिता,

भूले मेरी भूल जाता पिता हर दम है साथ निभाता पिता,

खुशिया बरसाने वाले मुझे मेरे पिता में नजर आये तू ,

दुनिया को बनाने वाले मुझे मेरे पिता में नजर आये तू,

घर की नाव को खुद चलाये पिता,

सेह के दुःख सुख किनारे लगाए पिता,

पलको पे अपनी बिठाये पिता सो वार बलहार जाये पिता,

तकदीर बनाने वाले मुझे मेरे पिता में नजर आये तू,

दुनिया को बनाने वाले मुझे मेरे पिता में नजर आये तू,

तेरा एहसान न भूल पाउ पिता तेरा कर्ज मैं कैसे चुकाऊ पिता,

तुझे दिल में मैं अपने बिठाऊ पिता तेरे प्यार पे कुर्बान जाओ पिता,

रोते को हसाने वाले मुझे मेरे पिता में नजर आये तू,

दुनिया को बनाने वाले मुझे मेरे पिता में नजर आये तू,

पिता अनमोल खजाना सदा न दिल से कभी तुम भुलाना,

बेटे का फ़र्ज़ निभाना सदा कहता हरबंस निमाणा सदा,

दुखो को मिटाने वाले,मुझे मेरे पिता में नजर आये तू

दुनिया को बनाने वाले मुझे मेरे पिता में नजर आये तू,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।