राधा तेरी चुनरी मैं लाल रंग दू

पारंपरिक
श्री गणेश भजन कृष्ण भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

राधा तेरी चुनरी मैं लाल रंग दू,

आजा तेरे गालो में गुलाल मल दू,

कान्हा मुझे ऐसे सताता है क्यों,

रंग गोरे गालो पे लगता है क्यों,

राधा तेरी चुनरी मैं लाल रंग दू...

राधे कन्हैया है तेरा दीवाना,

चल रे झूठ ये है तेरा बहाना,

होली में काहे ववाल करे तू,

आजा तेरे गालो में गुलाल मल दू......

रंग न लगवाए गी तू ठुमके लगाले ,

हम तेरी बातो में ना आने वाले,

गणेश कान्हा से सवाल करे तू,

आजा तेरे गालो में गुलाल मल दू,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।