साई के दरबार में मुश्किल हो जाये गी हल

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॥ पावन पाठ ॥

साई के दरबार में मुश्किल हो जाये गी हल,

आज नहीं तो कल,

काहे की चिंता काहे की टेंशन

घर बैठे बाबा भेजते है पेंशन,

न हो यकीन तो साथ मेरे तू शिरडी धाम को चल,

आज नहीं तो कल.......

इतना मिलेगा संभाल नहीं पायेगा,

दुगना तिगना होगा चोगना हो जायेगा,

बात मेरी पे गौर से तुम को करना पड़े गा अम्ल,

आज नहीं तो कल.....

छोड़ के गरूर जो दरबार जाते है,

द्वारका माई में साई संकट मिटाते है,

वर्मी के जैसे तुम को भी बाबा मन चाहा देंगे फल,

आज नहीं तो कल,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।