जब कोई ना हो अपना तू श्याम नाम जपना

सौरभ मधुकर
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब कोई ना हो अपना,बस श्याम नाम जपना

तू श्याम नाम जपना....

विश्वास सदा रखना

बस श्याम नाम जपना,तू श्याम नाम जपना....

झूठे ये रिश्ते,झूठे ये नाते

वक़्त पड़े तो तेरे कोई काम नहीं आते

कौन यहाँ संगी,कौन यहाँ साथी

स्वारथ की ये दुनिया,यहाँ सब हैं मतलबी

सब दो दिन का है सपना

तू श्याम नाम जपना....

तू किसके लिए यहाँ रोता है

क्यूँ गहरी नींद में सोता है

क्यूँ भूल गया तू उसके करम

किस कारण तेरा हुआ ये जनम

तुझे श्याम से है मिलना

तो बस श्याम नाम जपना...बस श्याम नाम जपना

क्यूँ तू घबराये,क्यूँ तू भरमाये

"सौरभ मधुकर" श्याम शरण में क्यूँ तू ना आये

ये अपनाएगा,गले लगाएगा...

दिनों का ये नाथ तेरा साथ निभाएगा

चरणो में सदा रहना

बस श्याम श्याम जपना...

विश्वास सदा रखना

बस श्याम नाम जपना,तू श्याम नाम जपना....

संपर्क - +919830608619

गीतकार - सौरभ मधुकर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।