श्याम बाबा इस फागण में मुझे दर पे भुला ले,

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम बाबा इस फागण में मुझे दर पे भुला ले,

मैं दुनिया से हार गया,

मुझे दुनिया से क्या लेना मुझे तो तेरा दर भा गया,

श्याम बाबा इस फागण में मुझे दर पे भुला ले,

दर्द जुदाई का सह नहीं पाउ,

बिन तेरे बाबा अब रह नहीं पाउ,

दर्द जुदाई का सह नहीं पाउ,

तेरे बिन बाबा अब रह न पाउ,

बस इक तमना है दर्श तेरा पाउ,

सारी दुनिया में बाबा तेरा ही तो रंग छा गया,

श्याम बाबा इस फागण में मुझे दर पे भुला ले,.........

तू चाहे तो राज करा दे

तू चाहे तो तख्तो ताज दिला दे,

कोई और नहीं श्याम इक तेरे सिवा मेरा ,

देखु जो अगर सपना पूरा करवा देना

हर रंग में है रंग बाबा तेरा,

अविनाश को तो तेरा रंग भा गया,

श्याम बाबा इस फागण में मुझे दर पे भुला ले,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।