आके तेरे दर पे निहाल हो गया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे बिना ओ श्याम मेरा क्या हाल हो गया,

आके तेरे दर पे निहाल हो गया,

तेरे बिना ओ श्याम मेरा क्या हाल हो गया,

दुःख के बदल दूर हटे जब शरण में तेरी आया,

बिन मांगे सब तुमसे पाया ऐसी है तेरी माया,

जो पहले न हुआ वो कमाल हो गया हां धमाल हो गया,

आके तेरे दर पे निहाल हो गया,

भक्ति की शक्ति क्या होती है,

मैं तो समज न पाया,

मन का दर्पण यांक के देखा तू ही नजर वाहा आया,

जब से तू मुझे मिला माला माल हो गया मैं खुश हाल हो गया,

आके तेरे दर पे निहाल हो गया...

तू ही बनाये तू ही मिटाये तू ही पार लगाये,

विजय राज तेरी लिखे वन्दना सुधीर संगाये सा गाये,

कुर्बान हो गया माला माल हो गया ओ कमाल हो गया,

आके तेरे दर पे निहाल हो गया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।