बाबा नानक दुखियाँ दे नाथ वे

पारंपरिक
श्री राम भजन गुरुदेव भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

बाबा नानक दुखियाँ दे नाथ वे,

रवे सिर पे मेरे तेरा हाथ वे,

मेरी सी कोई नेक कमाई,

मैनु दर तेरे लै आए,

मेरे अपने ते छड़ गये साथ वे,

बाबा नानक दुखियाँ दे नाथ वे,

कागा नैन निकास के पीया पास ले जाये,

कहले दर्श करा के आ चो रीजे खाये,

किरत कर रब की विशडे कर किरपा मैनु राम,

चार कुंनठ देख के सफर में थकाए प्रब की शाम,

बाबा नानक दुखियाँ दे नाथ वे

मेरी सी कोई नेक कमाई,

मैनु दर तेरे लै आए,

मेरे अपने ते छड़ गये साथ वे,

बाबा नानक दुखियाँ दे नाथ वे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।