तूने थामा जो हाथ मेरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तूने थामा जो हाथ मेरा श्याम कारवा मेरा चलने लगा,

आया था दर पे तेरे चोकठ पे तेरी रोया था,

तूने थामा जो हाथ मेरा श्याम कारवा मेरा चलने लगा,

दर दर मैं भटका ठोकर भी खाया मिलने से पहले तुझे,

अपने भी रूठे पराये भी छुटे जुड़ने से पहले तुझे,

अनजान सारे रिश्ते हुए श्याम अपने,

तूने थामा जो हाथ मेरा श्याम कारवा मेरा चलने लगा,

जब से सुना मैंने इक द्वार ऐसा गया जो न हारा कभी,

संकट जो आया मुझपे कभी तो आ कर सम्बाला कभी,

अंधेरो में रोशन किया तूने जीवन हमारा,

तूने थामा जो हाथ मेरा श्याम कारवा मेरा चलने लगा,

जीवन में छाई मेरे बहारे खुशिया ही खुशियाँ मिली,

चाहत से बड कर किया तूने इतना आयुस ने न सोचा कभी,

निकिता की ये कमाना दर न छुटे तुमहरा,

तूने थामा जो हाथ मेरा श्याम कारवा मेरा चलने लगा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।