हम तेरे आशिक है प्यारे ये दिल दीवाना तेरा है

नंदू जी महाराज
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हम तेरे आशिक है प्यारे ये दिल दीवाना तेरा है,

बे कादो की इस बस्ती में तू मेरा है तू मेरा है,

हम तेरे आशिक है प्यारे ये दिल दीवाना तेरा है,

हमे और किसी की चाह नहीं कोई रूठे तो परवाह नहीं,

बस तेरी मेरी बनी रहे,फिर चार और सवेरा है,

बे कादो की इस बस्ती में तू मेरा है तू मेरा है,

हम तेरे आशिक है प्यारे ये दिल दीवाना तेरा है,

दिलबर तेरे दिल को मैं भाउ चाहत में तेरी मर जाऊ,

तेरी नाम खुमारी बनी रहे दुनिया तो रेन बसेरा है,

बे कादो की इस बस्ती में तू मेरा है तू मेरा है,

हम तेरे आशिक है प्यारे ये दिल दीवाना तेरा है,

महफ़िल तेरी आवाद रहे तुम्हे दीवानो की याद रहे,

भजनो को माला बनी रहे,नंदू चरनन विच डेरा है,

बे कादो की इस बस्ती में तू मेरा है तू मेरा है,

हम तेरे आशिक है प्यारे ये दिल दीवाना तेरा है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।