ये वादा तेरे हनुमान का

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सूरज को उगने ना दूंगा

लक्ष्मण को मरने ना दूंगा

ये वादा तेरे हनुमान का-२

सूरज के पास जाके पहले समझाऊंगा

मान जाए ठीक नहीं तो मुख में दबाऊंगा

छा जाए घोर अँधेरा

फिर होगा नहीं सवेरा

ये वादा तेरे हनुमान

काल का भी काल हूँ मैं नाम से डरेगा

बाँध लूँगा मौत फिर कोई ना मरेगा

मेरे रामजी उदास ना होना

मेरे रहते कभी ना रोना

ये वादा तेरे हनुमान

ब्रह्माजी के पास जाके बही खुलवाउंगा

आयु होगी छोटी तो फिर लम्बी करवाऊंगा

ब्रह्मा की कलम चलेगी

लक्ष्मण की उमर बढ़ेगी

ये वादा तेरे हनुमान

बूंटीं की तो बात क्या पहाड़ ले के आऊंगा

रामजी के खातिर मैं तो कुछ भी कर जाऊँगा

अरे भक्त प्रभु मैं तेरा

कुछ रखिये भरोसा मेरा

ये वादा तेरे हनुमान

दीजिये आशीर्वाद मैं तो बूंटीं लेने जाता हूँ

चुटकी बजाके मैं तो बूंटीं लेके आता हूँ

जो लखन के प्राण न लाऊँ

ना अंजनी पूत कहाऊँ

ये वादा तेरे हनुमान

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।