जन्मदिन बाबा का करदे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

जन्मदिन बाबा का करदे जय जय कार,

वधाई दें चलो जन्मे पवन कुमार,

चेत सुधि पुरण माशी ने जन्म लिया था आके,

अंजनी माँ घर ख़ुशी मनाई घी के दीप जला के,

पिता केसरी यु बोले भाई शाई अजब बहार,

जन्मदिन बाबा का करदे जय जय कार,

तेज प्रताप महा जग बंधन थारे खेल निराले,

सारे के कोहराम माच गया सूरज मुख में ढाले,

हनुमान थारा नाम पड़ गया किया इन्दर ने परिहार,

जन्मदिन बाबा का करदे जय जय कार,

आज ख़ुशी का मौका आया रल मिल मंगल गाओ,

कलयुग का अवतारी बाबा जाके दर्शन पाओ,

नाचो और नचाओ सबने करदे भव से पार,

जन्मदिन बाबा का करदे जय जय कार,

राजू शर्मा मस्त मग्न हो शरण पड़ा से थारी,

कमल भगत थारी न्यारी सूरत जाऊ वारि,

लारी भर के भक्ता की चली मेहंदीपुर दरबार,

जन्मदिन बाबा का करदे जय जय कार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।