हम बेसहारा है तो हमारा सहारा बनो

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॥ पावन पाठ ॥

हम बेसहारा है तो हमारा सहारा बनो,

डूभ न जाये नइयां हमारा किनारा बनो,

आजा रे आजा रे मेरे साई नाथ,

गम का मारा इक दुख्यारा आया तेरे दवारे,

रो रो कर के तुझे पुकारे प्यासे नैन हमारे,

आजा रे आजा रे मेरे साई नाथ,

तेरा दर ही शिरडी वाले मेरा ही आखिरी दर है,

तेरा दर ही शिरडी वाले मेरा आखिरी दर है,

इक बार मुझपे नजरे डालो ध्यान तुम्हरा किधर है,

आजा रे आजा रे मेरे साई नाथ,

किसी का साथी किसी का माझी और किसी का सहारा,

श्याम कहे मुझको भी तारो कोई नहीं हमारा,

आजा रे आजा रे मेरे साई नाथ,

हम बेसहारा है तो हमारा सहारा बनो,

डूभ न जाये नइयां हमारा किनारा बनो,

आजा रे आजा रे मेरे साई नाथ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।