जो हारा सांवरे जग से तू हारे का सहारा है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जो हारा सांवरे जग से तू हारे का सहारा है,

मेरी इस डूबती नैया का तू ही तो किनारा है,

ज़माने ने है ठुकराया संभालो सँवारे मोहन,

है माझी तू ही तो सबका तू ही सब का किनारा है,

जो हारा सांवरे जग से तू हारे का सहारा है

सुनी है सँवारे तेरी बड़ी महिमा ये भारी है,

ओ मेरे शीश के दानी ये माने दुनिया सारी है,

तुझे तो सांवरे इस सारे ही कलयुग ने पूजा है,

मेरे घनश्याम सा दुनिया में ना कोई देव दूजा है,

कदम तुम जो बढ़ाये जो ये दौड़ा आएगा झट से,

मेरे घनश्याम ने पापी पापी को भी तारा है,

जो हारा सांवरे जग से तू हारे का सहारा है

जो दिल में आस लेकर के श्याम बाबा पे जाएगा,

वो रोता जायेगा दर पे मगर हस्ता वो आयेगा,

ये काटे पाप सब के करता है दूर अंधेरो को,

करे गा मुक्त बंधन से जन्म मरणो के फेरो को,

बना ले श्याम से रिश्ता है दीपक सूफी तू पागल,

बने जो श्याम का पागल मेरे बाबा का प्यारा है,

जो हारा सांवरे जग से तू हारे का सहारा है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।