भोला भाला मुखड़ा चाँद सा सोणा है

पारंपरिक
अन्य भजन रानी सती दादी भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

भोला भाला मुखड़ा चाँद सा सोणा है,

देख के महके दिल का कोना कोना है,

सो सो बार नैना इसे निहारे फिर भी ये दिल न भरे,

प्यारी प्यारी प्यारी दादी ये हमारी,

मुखड़े पे है सूरज की लाली,

माथे पे है बिंदियां निराली,

आँखे तो यु अमृत की प्याली,

हाथो में है मेहँदी की लाली,

लाखो में इक है मेरी माँ,

प्यारी प्यारी प्यारी दादी ये हमारी,

तारो झड़ी चुनरी है सिर पे गजरो से ये दरबार महके,

आई सोलह शृंगार करके बच के रहे माँ बुरी नजर से,

वरि वरि जाऊ मैं तुझपे माँ,प्यारी प्यारी प्यारी दादी ये हमारी,

दिल में तेरी सूरत वसाउ दर्शन मैं तेरा पल पल पाउ,

सोनू हुआ तेरा दीवाना खुशियों का माँ तू है खजाना,

रहना मेरे साथ तू माँ सदा,

प्यारी प्यारी प्यारी दादी ये हमारी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।