खैर पौनी तेरी मर्जी

पारंपरिक
अन्य भजन बाबा बालक नाथ भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

ऐसी बैठ गये दुआरे तेरे आके,

योगी बैठ गये दुआरे तेरे आके,

खैर पौनी तेरी मर्जी,

लाये झंडे नाल रोट बना के,

खैर पौनी तेरी मर्जी,

तेरे दर नाल प्यार बाबा पा लिया,

तनु सच्ची मुचि दिल च वसा लिया,

सेवा करदे हां मन चित ला के,

खैर पौनी तेरी मर्जी,

बिन तेरे कुज चंगा नहीं लगदा,

तनु पौने जोगी मोह छड़ जग दा,

वर मंगदे हां फुला गल पाके.

खैर पौनी तेरी मर्जी,

राह मुक्ति दा योगी तू दिखा दे,

भेटा लिखने दी सोची पल्ले पा दे ,

तेरे दर ते सुना केवल आ के,

खैर पौनी तेरी मर्जी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।