साँवली सूरतिया है मुख पे उजाला

गिरधर महाराज
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

साँवली सुरतिया है मुख पर उजाला,

ऐसा अनोखा मेरा श्याम खाटू वाला लीले वाला

जो भी आया चरणों में उसको उबारा हो उबारा,

कजरारे चंचल नैनों में सूरज चांद का डेरा,

देख के इस पावन मूरत को होता जिसका सवेरा,

उसके जीवन की नैया को देता किनारा हो किनारा,

तीन बाण कांधे पर सोहे मोर छड़ी है न्यारी,

जिसके झाड़े से लाखों की किस्मत गई सँवारी,

लीले की असवारी करता मोरवी का लाला मुरलीवाला,

खाटू में दरबार लगाए कलयुग का अवतारी,

वीर बर्बरीक नाम है जिसका मां का आज्ञाकारी,

हारे का साथी है "गिरधर" देता सहारा हो सहारा,

शब्द रचना : गिरधर महाराज

गायक : गिरधर महाराज

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।