जोगियां वे जोगियां सुनेहरी जटा वालेया बनी मैं पुजारन तेरी

पारंपरिक
अन्य भजन बाबा बालक नाथ भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जोगियां वे जोगियां सुनेहरी जटा वालेया बनी मैं पुजारन तेरी,

तेरे नाम दा रॉट पका के जीवन सफल बना लेना,

मंदिरा दे विच सेवा करके दर्शन तेरा पा लेना,

जोगियां वे जोगियां सुनेहरी जटा वालेया बनी मैं पुजारन तेरी,

तेरे नाम दी चौंकी ला के जीवन सफल बना लेना,

ज्योत जगा के धुप दिखा के दिल विच तनु वसा लेना,

जोगियां वे जोगियां सुनेहरी जटा वालेया बनी मैं पुजारन तेरी,

बाबा जी तेरी मूर्ति रख के मंदिर ऐसी बनाया है,

सोनी पटी वाला कहंदा रग रग नाम वसाया है,

जोगियां वे जोगियां सुनेहरी जटा वालेया बनी मैं पुजारन तेरी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।