मैं तो तुम संग होरी खेलूंगी मैं तो तुम संग

विनोद अग्रवाल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं तो तुम संग होरी खेलूंगी, मैं तो तुम संग

वा वा रे रासिया, वा वा रे छैला

वा रे लंगरवा, होरी के घरवा

सास ससुर ने नाही डरूंगी,

सईया के बोल सब सह लुंगी, होरी खेलूंगी

ना चाहिए अब महल अटरयिा

छोटी सी झोपड़िया में रह लूंगी, होरी खेलूंगी

ना चाहिए हमे मख्खन राबड़ी

खट्टी छाछ ही पी लुंगी, होरी खेलूंगी

चन्द्र सखी को रमन गोपी संग

दिल की बतिया कह लुंगी, होरी खेलुँगी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।