ऐरी मैया मैं क्या करूँ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ऐरी मैया मैं क्या करूँ,

मोहे राधा छल गई रे,

आज मोहे राधा छल गई रे,

मैं बेठो पीपल की छैयाँ,

पास में चर रही मोरी गईयाँ,

बातन में मोसे बंसी लेके साफ़ निकल गई रे,

आज मोहे राधा छल गई रे,

मैं भोलो वो चतुर गुजरियां,

पकड़ के ले गई मोरी अन्गुरियां,

तन छा पे नाच नचा के घ्याल कर गई रे,

आज मोहे राधा छल गई रे,

मैया मैं बरसाने जाऊ,

वहा से अपनी मुरलियां ले आऊ,

बिन बंसी के मैया ब्रिज में गईयाँ अड़ गई रे,

आज मोहे राधा छल गई रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।