थोड़ी किरपा करदे आज मेरे पे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बाला जी महाराज आज राखियो लाज आज तेरे पे,

थोड़ी किरपा करदे आज मेरे पे,

संकट मोचन हारी बनके जग में अमर कहावे तू,

जो भी तेरी शरण में आ गया उस से प्रेम बढ़ावे तू,

उमे वारे न्यारे करदे शामी को न आवे तू,

रुदर का अवतार सा पवन कुमार प्यार तेरे पे,

थोड़ी किरपा करदे आज मेरे पे,

समी आजा झलक दिखा जा संजा हु तेरी भक्ति में,

हो न रोसाया तू मन मौसा मन में रोसा शक्ति में,

चौबीस घंटे मन तू प्यारे अखंड तेरी भक्ति में,

जो कर दे ने एहसान मेरे भगवान पड़ा तेरे पे,

थोड़ी किरपा करदे आज मेरे पे,

व्रत करा या करा चालीसा कितना ही आजमा ले जे,

तेरे जल की धुट पीयू धरती में मने सवा ली ले,

बाला जी भगवान मने मंदिर में सेवक ला ली ले,

तेरा रोज लगाओ भोग काटिये रोग महारा खेद है

थोड़ी किरपा करदे आज मेरे पे,

इक सेवक तेरा गुहड़ी आला दर्शन करना चाहवे हो,

तेरा लाडला टेड़ा कौशिक हर पल तने रिजावे हो,

अशोक भगत भी घना अनाड़ी हर पल तने मनावे हो,

इक वार दर्श दिखा दे मेहर जता दे फूटे ठेरे पे,

थोड़ी किरपा करदे आज मेरे पे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।