करो तुम मुझपे दया साई नाथ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन साईं भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

करो तुम मुझपे दया साई नाथ,

ओ साई जी ओ बाबा जी,

रख दो तुम मुझपे रेहमत का हाथ,

करो तुम मुझपे दया साई नाथ,

दर पे तेरे आया हु मैं,

किस से कहु दिल की बात,

माता पिता तुम हो मेरे,

तुम ही तो साई नाथ,

आँखों से मेरी बेहति है अश्को की बरसात,

करो तुम मुझपे दया साई नाथ,

तेरी नजर सब पे हुई सब की रखे तू ही लाज,

कब से तेरे दर पे पड़ा बिगड़े बना मेरे काज,

आँखों से मेरी बेहति है अश्को की बरसात,

करो तुम मुझपे दया साई नाथ,

बालक हु मैं कमसीन हु मैं पकड़ो मेरा साई हाथ,

दुनिया की क्या मुझको खबर क्या जानू मैं जात पात,

आंखो से मेरी बेहति है अश्को की बरसात,

करो तुम मुझपे दया साई नाथ,

मेरा कोई जग में नहीं देदो मुझे आसरा,

तूने मुझे अपना लिया जाऊ गा फिर मैं कहा,

आँखों से मेरी बेहति है अश्को की बरसात,

करो तुम मुझपे दया साई नाथ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।