गोरा बोली भोले से, कब बरात लाओगे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

गोरा बोली भोले से,कब बरात लाओगे,

इन चांदनी सी रातों में,दुल्हन कब बनाओगे॥

इधर मेरे मेहंदी लगे,उधर तुम्हरे भस्मी चढ़ें,

इन चांदनी सी रातों में,भंगिया कब घुटबाओगे,

गोरा बोली भोले से,कब बरात लाओगे।

इन चांदनी सी रातों में,दुल्हन कब बनाओगे॥

अपलोड करता

सुनील बड़ोंनिया

Mo. 7440340861

पता - ग्राम पिपलिया जाहिर पीर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।