जय जय मुख विचो बोल

पारंपरिक
अन्य भजन बावा लाल दयाल भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जय जय मुख विचो बोल, जय बावा लाल जी।

नाम गुरां दा अनमोल, जय बावा लाल जी॥

तारण लई जग पाया फेरा बावा लाल ने,

ध्यानपुर आके लाया डेरा बावा लाल ने।

आ गए ने भगत गुरां कोल, जय बावा लाल जी,

जय जय मुख विचो बोल, जय बावा लाल जी॥

सोहना सोहना आ गया दवारा बावा लाल दा,

लाओ सारे गज के जैकारा बावा लाल दा।

बजदेने छैने नाले ढोल, जय बावा लाल जी,

जय जय मुख विचो बोल, जय बावा लाल जी॥

लिख लिख करे गुणगान बावा लाल दा,

रेह्न्दा जो बटाले शायर पिंड पुरोवाल दा।

गावे ‘धीरज’ वी महिमा वाले बोल, जय बावा लाल जी,

जय जय मुख विचो बोल, जय बावा लाल जी॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।