साई कंधो पे बिठा के

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

इक बालक शिरडी आया कई चमत्कार दिखलाया,

जिसे पूज रहे है दुनिया वो साई राम कहलाया,

इक कदम बड़ा आगे साई सो कदम बढ़ाये गे,

उनकी और देखो गे साई तेरी और देखे गे,

साई कंधो पे बिठा के तेरे भार को ढोये गे,

भक्तो बोलो साई साई गम के बदल छट जायेगे,

साई राम साई राम ..

श्रद्धा सबुरी महा मन्त्र है देते साई राम,

भेद भाव न जाने साई रहते सबके साथ,

मुश्ल्मान हो हिन्दू सिख हो सब साई के प्यारे,

जैन बुध हो या हो ईसाई सब आँखों के तारे,

साई कंधो पे बिठा के तेरे भार को ढोये गे,

भक्तो बोलो साई साई गम के बदल छट जायेगे,

साई राम साई राम ..

पानी से दीपक जलाये चमके द्वारका माई,

साई धाम में मिलते है भोले राम कनाही,

साई तेरी याद ही है बड़ा सुख दाई,

एक तू ही रखवाला जग में तू ही सदा सहाई,

साई कंधो पे बिठा के तेरे भार को ढोये गे,

भक्तो बोलो साई साई गम के बदल छट जायेगे,

साई राम साई राम ..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।