हे री माई मेरा खाटू वाला राखे सबकी लाज

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हे री माई मेरा खाटू वाला राखे सबकी लाज,

वैर करे न कभी किसी से बिगड़े बनाये काम,

हे री माई मेरा खाटू वाला राखे सबकी लाज

जिस दिन से मैं हुआ श्याम कारी,

बदले है दिन रात मेरे,

हर पल यही मांगू दुआ करता रहा दर के फेरे,

यु ही सजे रहे श्याम की धुन में मेरे कल और आज,

वैर करे न कभी किसी से बिगड़े बनाये काम,

हे री माई मेरा खाटू वाला राखे सबकी लाज

चलके जरा तू देख तो माँ एक वारि मेरे कहे से,

खाली नहीं लौटा कोई भी आके बाबा जी के दर से,

भक्ति भाव की बात जरा सी दुनिया समजे राज,

वैर करे न कभी किसी से बिगड़े बनाये काम,

हे री माई मेरा खाटू वाला राखे सबकी लाज

जब भी कभी दुखयारी दिल की आहे दे मुझे सुनाई,

उस पर मुझे माँ बाबा की सूरत देती वहा पे दिखाई,

कहे बलजीत ये बाबा मेरे सिर का हो गया ताज,

वैर करे न कभी किसी से बिगड़े बनाये काम,

हे री माई मेरा खाटू वाला राखे सबकी लाज

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।