हवा में उड़ता जाए रे मेरा राम दुलारा

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

हवा में उड़ता जाए रे मेरा राम दुलारा,

राम दुलारा माता अंजनी का लाला,

हवा में उड़ता जाए रे मेरा राम दुलारा

इक दिन देखा मैंने अवध पूरी में,

अवध पूरी में रमा अवधपुरी में,

राम की लगन लगाये रे मेरा राम दुलारा,

हवा में उड़ता जाए रे मेरा राम दुलारा

इक दिन देखा मैंने पम्पापुरी में,

पम्पापूरी में रामा पम्पापुरी में,.

सुखी से प्रीत लगाए रे मेरा राम दुलारा,

हवा में उड़ता जाए रे मेरा राम दुलारा,

इक दिन देखा मैंने लंका पूरी में,

लंका पूरी में रामा लंका पूरी में,

लंका में आग लगाये रे मेरा राम दुलारा,

हवा में उड़ता जाए रे मेरा राम दुलारा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।