बोलो जय जय साई नाथ की

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

चली रे चली रे चली चावड़ी की और चली साई की पालकी,

बोलो जय जय साई नाथ की,

दिन गुरूवार है गाओ रे वधाई कंधो पे पालकी लेके बोलो साई,

शिरडी की गली गली चली साई की टोली,

साई की पालकी,

बोलो जय जय साई नाथ की,

पानी से दीप जलाये मेरे बाबा साई,

चम चम चमके द्वारका माई,

साई संग होली खेले ले रंगोली,

साई की पालकी,

बोलो जय जय साई नाथ की,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।