मेरी नईया में लक्ष्मण राम

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मेरी नईया में लक्ष्मण राम,

नदियां धीरे बहो,

मेरी नईया में सीता राम

नदियां धीरे बहो,

बड़े भाव से ये दिन आया,

चरण धोये चरणामित पाया,

मेरे बन गये बिगड़े काम,नदियां धीरे बहो,

मेरी नईया में लक्ष्मण राम

इनके सहारे छोड़ दे नइयां,

बन जायेगे खुद ही खिवैयाँ

ये तो कर देंगे भव से पार नदियां धीरे बहो,

मेरी नईया में लक्ष्मण राम

मेरे प्रभु की लीला है न्यारी,

असुर संगारन मनुद हज़ारी,

इनकी महिमा है अपराम पार,

नदियां धीरे बहो,

मेरी नईया में लक्ष्मण राम

राम लखन सिया पार उतारे,

सोच रहे जब गंगा किनारे,

उतराई में क्या दू दाम नदियां धीरे बहो,

मेरी नईया में लक्ष्मण राम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।