पानी से दीप जला कर साई

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

पानी से दीप जला कर साई किया रे शिरडी उजाला,

खोले ते किस्मत का ताला साई शिरडी वाला,

हाथो में चिलम बगल में चिमटा साई का शृंगार है,

हिन्दू मुश्लिम सिख ईसाई शिरडी सब का द्वार है,

बोलो रे अल्ल्हा साई बोलो रे मौला साई,

बोले रे राम साई बोलो रे राम साई,

सिर पे पटका बदन पे चोला कैसा है वो निराला,

खोले रे किस्मत का ताला,साई रे शिरडी वाला

कभी पालकी पे बैठे कभी नीव छाव रे,

बिक्शा मांगे घर घर वो भी नंगे पाँव रे,

बोलो रे प्रेम से साई जग में एक है साई,

बोलो साँचा साई बोलो श्याम साई,

बोला बाला शंकर साई वही है डमरू वाला,

खोले रे किस्मत का ताला,साई रे शिरडी वाला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।