साडा पीरा ने चल्या कारोबार भगतो

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

साडा पीरा ने चल्या कारोबार भगतो,

ओह्दी रेहमत ने साहनु दिता तार भगतो,

मेरा काका भी है भेज दिता बाहर भगतो,

ओह्दी रेहमत ने साहनु दिता तार भगतो,

बड़ी ही गरीबी कटी दुःख बड़े झले सी,

ओह बी दिन सी जद कख भी न पले सी,

आज खड़ियाँ न कारा तीन चार भगतो,

ओह्दी रेहमत ने साहनु दिता तार भगतो,

पीरा दा दरबार ऐसी घर च बनाया है,

लख दाता जी दे ले ऐसी आसान सज्या है ,

सेवा करदा है सारा परिवार भगतो,

ओह्दी रेहमत ने साहनु दिता तार भगतो,

पीरा दे चिराग असि नित ही जगाने आ,

ओहदे तो ही मंगदे आ ओहदा दिता खाने आ,

सोहनी पटी वाला करदा दीदार भगतो,

ओह्दी रेहमत ने साहनु दिता तार भगतो,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।