मारन वाले से ज्यादा वो बड़ा बचाने वाला

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

मारन वाले से ज्यादा वो बड़ा बचाने वाला,

उस दुश्मन क्या मारेगा जिसका भगवन रखवाला

शावक हांडी में दब गये,

भीषण की आग है बाकी,

भोजन पानी न खाया,

ना खाई रमक हवा की,

ईश्वर ने गजब दवा की और जिन्दा उन्हें निकाला,

मारन वाले से ज्यादा वो बड़ा बचाने वाला,

भक्ति में शक्ति देखि मीरा को बहुत सताया,

कभी कांटो पर चलवाया कभी सरपो से कटवाया,

विश का प्याला पिलवाया विश बन गया अमृत प्याला,

मारन वाले से ज्यादा वो बड़ा बचाने वाला,

ताने या तीर आखेटक ऊपर था बाज शिकारी,

आखेटक डसा नाग ने गया तीर बाज के पारी,

दोनों मर गये शिकारी गया जीत बचाने वाला,

मारन वाले से ज्यादा वो बड़ा बचाने वाला,

चाहे लाख हिमाती करलो दुशमन तो एक भतेरा,

लाखो दुश्मन पर भारी वो इकल दोस्त भतेरा,

वो जो हाथ पकड़ ले तेरा तुझे कौन हराने वाला,

मारन वाले से ज्यादा वो बड़ा बचाने वाला,

बरहमा संसार रचइया विष्णु पालन करता है,

यमदूत का रूप बना कर शिव शंकर जग हरता है,

क्यों कवी विजन करता है तेरे साथ है डमरू वाला,

मारन वाले से ज्यादा वो बड़ा बचाने वाला,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।