आसा भंग दा घोटा लगाना

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आसा भंग दा घोटा लगाना हो मेरे भोलिया,

हो मेरे धुड़ुआ,

असा चढ्यो पहाड़ा चो आना,

हो मेरे भोलिया,हो मेरे धुड़ुआ,

आसा भंग दा घोटा लगाना

असा जा तेरे ले नहीं रोना,

हो मेरे भोलिया,हो मेरे धुड़ुआ,

आसा भंग दा घोटा लगाना

असा कर्जे न आला कराना,

हो मेरे भोलिया,हो मेरे धुड़ुआ,

आसा भंग दा घोटा लगाना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।