रेहमत बरसा देना तू फागुन आया है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

रेहमत बरसा देना तू फागुन आया है

गंगा के जल को लाने का मौसम आया है

कंधे पे उठा के जल चलते ही जाना है,

जल को ले जा के शिवलिंग पे चढ़ाना है

शिव के द्वारे पे सारा संसार आया है

भोले बाबा तेरी यह जुदाई सही जाए ना

बिन तुझको देखे भोले मुझको चैन आये ना

आजाना तू मेरे पास आया मैं दरबार में

कितनी रात गुजारी है तेरे इंतज़ार में

कैसे बताऊँ ओ भोले नाथ मेरे

मैंने श्रद्धा और मन से तुम्हे ध्याया है

सब कुछ छोड़ के आया मैं, फागुन आया है

भक्ति का नशा यह भोले मन में मेरे छाया है

जो भी आज हूँ मैं, भोले सारी तेरी माया है

अँखियाँ कब से तरस रहीं थी तेरे इस दीदार को

आया तेरे चरणो में, भोले मुझको प्यार दो

अब न कभी तू मुझसे होना जुदा

बड़ी मुश्किल से भोले तुझे पाया है

खुशीआं बरसादेना तू, फागुन आया है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।