जो बोले जय जय कार बाबा सुनेगें पुकार

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

जो बोले जय जय कार बाबा सुनेगें पुकार,

संकट कितना मोटा सोटे से देवे मार,

जो बोले जय जय कार बाबा सुनेगें पुकार

दरबार निराला से पड़े भेरो से पाला रे,

वो सबने दर्शन देवे शामा की वाला से,

वो बाल पकड़ कर खींचे प्रीत राज सरकार,

जो बोले जय जयकार बाबा सुनेगें पुकार

देखो पीड़ घनी भारी कोई कोई मारे किलकारी,

ताले बेहड़ी में बंध गया मने ये संकट पड़े भारी,

मेरे बाबा शामे पड़ा श्री राम का दरबार,

जो बोले जय जय कार बाबा सुनेगें पुकार

बाबा रूप तेरा प्यारा सब के मन को है बहा रहा,

जिसने प्रेम से धया वो थे बहुते पार उतराया,

बहेनो को भाई देवे तेरी शक्ति बड़ी अपार,

जो बोले जय जय कार बाबा सुनेगें पुकार

भक्त तेरा कमल निराला से तेरी जपता माला से,

राम बलाने में बैठी गुरु राज बाला से,

राजू भगण बढ़ावे बाबा करले ने शृंगार,

जो बोले जय जय कार बाबा सुनेगें पुकार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।