तन मन धन सब तेरे बलिहार है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तन मन धन सब तेरे बलिहार है,

आजा मेरे भोले बाबा तेरे इंतज़ार है

भोले के मंदिर में घटा ऐसी छा गयी,

भोले का भगतो पे मस्ती सी छा गई

ये तो मेरे भोले बाबा तेरे हाथ बात है,

आजा मेरे भोले बाबा तेरे इंतज़ार है

भोले के मंदिर में पूजा करवाउंगी,

रो रो के अपनी कहानी सुनाऊँगी,

तुम ही मेरे पिता और तुम ही मेरी मात हो,

आजा मेरे भोले बाबा तेरे इंतज़ार है

भोले का मंदिर में चौपड़ बिछाऊँगी,

अपने जीवन की मै बजी लगाउंगी,

कभी कभी जीत है कभी कभी हार है,

आजा मेरे भोले बाबा तेरे इंतज़ार है,

बीच भवर में है नैया हमारी,

पार करो प्रभु दया तुम्हारी,

एक इशारा करो मेरा बेडा पार है,

आजा मेरे भोले बाबा तेरे इंतज़ार है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।