कितना सोहना तेरा भवन

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

कितना सोहना तेरा भवन सजाया, दिल करे देखदा रवां,

दिल मुडदा नही लख समझाया, दिल करे देखदा रवां,

कितना सोहना तेरा भवन सजाया, जी करे देखदा रवां,

दिल विच तेरा प्यार वैसा के, वेखि जांवां कोल बिठा के,

तेनू दिल वाले शीशे च सजाया, दिल करे पूजदा रवां,

कितना सोहना तेरा भवन सजाया, दिल करे देखदा रवां,

प्यार तेरा है जिंदगी मेरी, करनी ऐ मैं पूजा तेरी,

तेनु अँखियाँ दे विच मैं वसाया, दिल करे देख्दा रवां,

कितना सोहना तेरा भवन सजाया, दिल करे देखता रवां,

मईया तेरी ज्योत जगावां, नच के गा के तैनू मनावां,

ये मईया बच्चा तेरा चरणों में आया, जी करे पूजदा रवां,

कितना सोहना तेरा भवन सजाया, दिल करे देखता रहूँ,

पंडित देव शर्मा

श्री दुर्गा संकीर्तन मण्डल

रानिया सिरसा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।