झोली वाले नाथ ने झोली भर दिति

पारंपरिक
अन्य भजन बाबा बालक नाथ भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

सुख दे दिते सारे किरपा कर दिति,

झोली वाले चिमटे वाले झोली वाले नाथ ने झोली भर दिति,

बड़ी गरीबी देखि आसा ने भूखे ही सो जांदे सी,

पूरा सी विशवाश बाबे ते हर पल नाम ध्यानदे सी,

स्वरगा दे विच ज़िंदगी साड़ी झड़ दिति,

झोली वाले नाथ ने झोली भर दिति,

चरना दे विच सिर रख के मैं दिल दे हाल सुनाये सी,

इक दिन मेरे सुपने दे विच बालक नाथ आये सी,

दुःख कट दिते सारे पीड़ा हर दिति,

झोली वाले नाथ ने झोली भर दिति,

धुनें वाले बाबा जी दा लख लख शुक्र मनावा मैं,

सोहनी पटी वाले वांगु गुण योगी दे गावा मैं,

दुनिया दी हर ख़ुशी साढ़े आगे धार दिति

झोली वाले चिमटे वाले झोली वाले नाथ ने झोली भर दिति,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।