नच लो गा लो भगतो मेला शिव दा आया है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले शिव शंकर दे मंदिर,

नच्दे सारे मस्त कलंदर,

भगति वाला शिव भोले ने रंग चढ़ाया है,

नच लो गा लो भगतो मेला शिव दा आया है,

इस मेले में राम जी आये सीता मैया नाल लै आये,

करो राज तिलक दी तयारी है राम राज दी बारी,

झूम रही कायेनात सारी ऐसा जशन मनाया है,

नच लो गा लो भगतो मेला शिव दा आया है,

भूत प्रेत बराती नच्दे नाले नंदी बाबा नचदा,

मस्त हो रहे भोले बाबा नाले पी के प्याला भंग दा,

गूंजे बम बम जय जय कारे देवी देवते नच्दे सारे,

भोले जी ने डमरू अपना नाल बजाया है,

नच लो गा लो भगतो मेला शिव दा आया है,

भगत भोले दे धूम मचांदे,नच्दे तपड़े भेटा गाउँदे,

मोह माया दुनिया न छड़ के शिव भोले दा ध्यान लगाउँदै,

होक मस्ती विच मस्ताने टली होवण फिरन दीवाने,

सहारन पुर राकेश राणा ने भंडारा पाया है,

नच लो गा लो भगतो मेला शिव दा आया है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।