मैं तां मैया दी कमली जी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

ओ जी मैं तां मैया दी कमली जी ,

मैं तां कमली, मैं तां कमली ,

मैं तां मैया दे नाम दी कमली जी,

मेरी प्रीत मैया दे नाल,

छड्ड दुनिया दे जंजाल,

मैं तां होगी मालामाल,

जी मैं तां मैया,,,,,,

मेरी माँ जेहा ना कोई,

माँ बिन मिलदी ना ढोई,

परवाह ना मैनूं कोई,

जी मैं तां मैया.......

रणवीर ते कर्म कमाया,

माँ ने मैंनू चरणी लाया,

मैं तां घुट्ट सीने नाल लाया,

जी मैं तां मैया......

पंडित देव शर्मा

श्री दुर्गा संकीर्तन मण्डल

रानियां, सिरसा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।