राम मेरा साथी है श्याम मेरा साथी है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

देखो हर तरफ से आवाज यही आती है,

राम मेरा साथी है श्याम मेरा साथी है,

सहारे राम के तू अपनी बड़ाले,

तू कह दे नाव मेरी राम तेरे हवाले,

चाहे मझधार करो चाहे तू पार करो,

प्रभु मर्जी तुम्हारी चाहे जैसा भी करो,

ऐसा कहने से गुथी उलझ सुलझ जाती है,

राम मेरा साथी है श्याम मेरा साथी है

उसे दिल से पुकारो वही संकट हरेगा,

वो नंगे पाँव आके तुझे इमदाद देगा,

उसे भूलो कभी न रहे न कोई भी गम,

उसे घर पाना चाहो रटो बस नाम हरदम,

सच्ची आवाज ही बस उसे खींच लाती है,

राम मेरा साथी है श्याम मेरा साथी है

लिए जा नाम उसकी का जो दीनो का है प्यारा,

रहे न कोई वादा बने अगर वो सहारा,

दुश्मन मीत होंगे उसे अपना बना ले,

तेरा उधार होगा उसे मन में वसा ले,

आता वो जब दिल की तार झन झनाती है,

राम मेरा साथी है श्याम मेरा साथी है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।