तेरा संग माइये

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

उचिया पहाड़ा चल्या है तेरा संग माइये,

कुछ पीछे ता कुछ आगे गये ने लंग माइये,

उचिया पहाड़ा चल्या है तेरा संग माइये,

संग तेरा माँ सब तो निराला,

तेरे नाम दा है मतवाला,

सब के दिलो में जाग भरी है उमंग माइये,

कुछ पीछे ता कुछ आगे गये ने लंग माइये,

उचिया पहाड़ा चल्या है तेरा संग माइये,

संग तेरे च भगत ने तेरे,

जिह्ना लाने ने दर ते डेरे,

छेती तू करदे दर्शन दा कोई रंग माइये,

कुछ पीछे ता कुछ आगे गये ने लंग माइये,

उचिया पहाड़ा चल्या है तेरा संग माइये,

सब चलदे ने बन बन टोलियां

जता गाने ने पाई पाई बोलियां,

नच्दे सारे होक मलंग माइये,

कुछ पीछे ता कुछ आगे गये ने लंग माइये,

उचिया पहाड़ा चल्या है तेरा संग माइये,

तेरे भवरा च गूंजड़े जैकारे,

रोज भजदे ने ढोल नगाड़े,

हथा च फड़ के झंडे तेरे लाल रंग माये,

कुछ पीछे ता कुछ आगे गये ने लंग माइये,

उचिया पहाड़ा चल्या है तेरा संग माइये,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।