जिस घडी मेरी ये जान निकले

चित्र विचित्र
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जिस घडी मेरी ये जान निकले,

उस वक़्त तुम चले आना,

अकेले मत आना नंदलाला संग राधा जी को लाना,

जिस घडी मेरे ये जान निकले उस वक़्त तुम चले आना

हस ते हसते निकले दम,

विशढंन का मत देना गम,

छवि दिख ला देना प्यारी ओ मेरे बांके बिहारी,

जोगी हो युगल सन्मुख मेरे तुम आकर दर्श दिखाना,

जिस घडी मेरे ये जान निकले उस वक़्त तुम चले आना

चलने की हो तयारी,

नैनं में हो छवि तुम्हारी,

इतनी है विनय हमारी,

ओ मेरे बांके बिहारी,

आ जाना तुम प्रानन प्यारे मत करना कोई बहाना,

जिस घडी मेरे ये जान निकले उस वक़्त तुम चले आना

जब प्राण कंठ में आवे,

दिल तुझको श्याम भुलावे,

तुम से है मेरी यारी,

ओ मेरे बांके बिहारी,

जीवन तेरा तेरे अर्पण ओ मुरली वाले कान्हा,

जिस घडी मेरे ये जान निकले उस वक़्त तुम चले आना

पागल की तुम से विनती.

हर घडी सांस को गिनती,

बीती ये उमरिया सारी,

ओ मेरे बांके बिहारी,

मर मर जन्म लू दुनिया में तेरा भूलू नहीं तराना,

जिस घडी मेरे ये जान निकले उस वक़्त तुम चले आना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।