मुझे संवारा नजर आये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चाहे ख़ुशी हो चाहे गम हो ,

आंखे जब भी नम हो ,

मुझे संवारा नजर आये,

मन भी हो जब ये गायल,

सिर पे हो काले बादल,

मुझे संवारा नजर आये,

परेशान मन जब भी हैरान होके डोले,

खामोश लव ये आँखे सारा भेद खोले,

मजधार में हो नैया कोई न हो खिवईयां,

मुझे संवारा नजर आये...

मेरा श्याम पे भरोसा मजबूत हो गया है,

तन मन ये सारा जीवन इनका ही हो गया है,

पुखलाफ जब फिज़ाये अनजान जब हो रहे,

मुझे संवारा नजर आये,

मेरे श्याम ने सवारी तकदीर ये हमारी,

मोहित पे अब चढ़ी है इनकी खुमारी,

माया में मैं जब भटकु रिश्तो में जब भी अटकु,

मुझे संवारा नजर आये,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।