रहना श्याम तेरी नगरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

फुलां वेच के गुजारा करना,

रेहना श्याम तेरी नगरी

तेरी नगरी दे विच गौआँ बथेरिया,

माखन मलाई दिया लगियां ने ढेरियां,

दूधा वेच के गुजारा करना,

रेहना श्याम तेरी नगरी

तेरी नगरी दे विच फूल फुलवरिया,

सोहनी बडी लगदी ने फुलां दिया कैयारिया,

हारा वेच के गुजारा करना,

रेहना श्याम तेरी नगरी

तेरी नगरी दे विच सखियाँ वथेरिया,

सखियां दे नाल गल्लां करनीया तेरियां,

रल मिल के श्याम नु मनाना,

रेहना श्याम तेरी नगरी

तेरी नगरी दे विच रहन्दीआ बहारां,

अमृत बूंदा दिया पैनदिया फुहारा,

नाचे गाई कर शाम नु मनाना

रेहना श्याम तेरी नगरी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।