स्वासा दी माला नाल

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

स्वसन दी माला नाल सिमीरा मैं तेरा नाम

स्वसन दी माला नाल सिमीरा मैं तेरा नाम

बान जावा बांदा माई तेरा हे कृपा निधि

बान जावा बांदा माई तेरा हे कृपा निधि

स्वसन दी माला नाल सिमीरा मैं तेरा नाम

स्वसन दी माला नाल सिमीरा मैं तेरा नाम

स्वसन दी माला नाल सिमीरा मैं तेरा नाम

स्वसन दी माला नाल सिमीरा मैं तेरा नाम

तेरा नाम तेरा नाम तेरा नाम

तेरा नाम तेरा नाम तेरा नाम

संगता दी सेवा कारा राह मैं

संगता दी सेवा कारा राह मैं

चारण पे मस्तक धरदा रह मैं,

चारण पे मस्तक धरदा रह मैं,

चारण पे मस्तक धरदा रह मैं,

चारण पे मस्तक धरदा रह मैं,

मेरी खल दे जोड़े गुरु के सिख खंडल

मेरी खल दे जोड़े गुरु के सिख खंडल

स्वसन दी माला नाल सिमीरा मैं तेरा नाम

स्वसन दी माला नाल सिमीरा मैं तेरा नाम

स्वसन दी माला नाल सिमीरा मैं तेरा नाम

स्वसन दी माला नाल सिमीरा मैं तेरा नाम

बान जावा बांदा मैं तेरा हे कृपा निधि

बान जावा बांदा मैं तेरा हे कृपा निधि

बान जावा बांदा मैं तेरा हे कृपा निधि

बान जावा बांदा मैं तेरा हे कृपा निधि

स्वसन दी माला नाल सिमीरा मैं तेरा नाम

स्वसन दी माला नाल सिमीरा मैं तेरा नाम

स्वसन दी माला नाल सिमीरा मैं तेरा नाम

स्वसन दी माला नाल सिमीरा मैं तेरा नाम

तेरा नाम तेरा नाम तेरा नाम

तेरा नाम तेरा नाम तेरा नाम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।